खास आपके लिए

[latest][slideshow]

और "खिसियानी बिल्ली" को मिल गया "रिहाना" नाम का "खंभा"

भाईसाब सच कहिएगा कि ऐसा केवल मुझे ही लगता या आपको भी, कि ये कंगना रनौत इतनी खलिहर हैं कि रिहाना के एक ट्वीट पर नहा-धो के पीछे ही पड़ गईं हैं.. रिहाना भी सोच रही होगी कि कौन सी मनहूस घड़ी में ट्वीट कर दिया था..

और "खिसियानी बिल्ली" को मिल गया "रिहाना" नाम का "खंभा"

अरे शुरू-शुरू में हमको भी कंगना ठीक लगतीं थीं.. उनकी बातों में सर-पैर दिखता था.. पहले तो कुछ ढंग की बातें कर लिया करतीं थी कंगना.. लेकिन अब.. ऐसा लगता है कि बस खिसियानी बिल्ली किसी खंभे की तलाश में है.. चलो माना की अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना का ट्वीट "बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना" टाइप था.. लोकिन कंगना को तो ऐसा लगा मानों एक खंभा ही मिल गया.. कंगना लगीं खंभा नोचने.. और फिर क्या.. हाथ धो कर नहीं नहा धो कर पीछे पड़ गईं रिहाना के..


बात रही रिहाना की.. तो रिहाना दुनिया भर में शोहरत हासिल कर चुकी सेलीब्रिटी हैं.. इसमें कोई दो राय तो हैं नहीं..  और जब वो कुछ बोलती हैं तो दुनिया की एक बड़ी आबादी तक उनकी आवाज बड़े आराम से एक झटके में पहु्ंच जाती है.. और यही हुआ.. जैसे ही रिहाना ने #farmerprotest पर ट्वीट किया.. सोशल मीडिया में कचट शुरू हो गई.. और कंगना ने भी रिहाना पर रीट्वीट की बरसात कर दी..खुद देखिए नीचे तस्वीरों में..


और "खिसियानी बिल्ली" को मिल गया "रिहाना" नाम का "खंभा"

और "खिसियानी बिल्ली" को मिल गया "रिहाना" नाम का "खंभा"और "खिसियानी बिल्ली" को मिल गया "रिहाना" नाम का "खंभा"

कंगना शायद आप अपनी पुरानी फिल्मों और उनके गानों को भूल गईं हैं.. जिसमें आपने अश्लीलता के अलावा कुछ नहीं परोसा था.. अब आप संघी नारी बन रहीं हैं.. लेकिन जनता भी बेवकूफ नहीं है.. जबकि हमारे और रिहाना के कल्चर में जमीन आसमान का फर्क है.. खैर..


ये तो कुछ नहीं.. भाईसाब रिहाना का एक बयान क्या इतना मायने रखता था कि भारत सरकार का विदेश मंत्रालय बयान जारी कर रिएक्ट करे.. मतलब हद्द है.. भाई कंगना क्या कम पड़ गईं थी जो देश के गृहमंत्री को भी रिहाना का ट्वीट रीट्वीट करके जवाब देना पड़ा.. चलो माना कि रिहाना की टिप्पणी अहमियत रखती थी बीजेपी के लिए.. तो बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा क्या सो रहे थे.. जो गृहमंत्री को मैदान में उतरना पड़ा.. सबसे बड़ी पार्टी होने का क्या फायदा फिर.. और मेरे हिसाब से तो सरकार को ऐसी मामूली चीजों को सिर्फ नजरअंदाज करना चाहिए.. बाकि कंगना तो है हीं.. 


अब इसका ये मतलब बिल्कुल मत समझिएगा कि मैं कहीं से भी रिहाना के सपोर्ट में हूं.. मुझे न वो पहले पसंद थीं न अब.. और बिना किसी मुद्दे को जाने-समझे उस पर अपनी राय देना गैर-जिम्मेदाराना होता है.. ये मेरा भी मानना है..और भारत ने बहुत साफ और सख्त शब्दों में समझा भी दिया है कि ये हमारा अंदरुनी मसला है.. किसी को भी इस मुद्दे पर बोलने से पहले सही तथ्यों का पता जरूर लगा लेना चाहिए.


और आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि इस मामले में विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) की भी प्रतिक्रिया आ गई. मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'हम गुजारिश करेंगे कि ऐसे मामलों पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों का पता लगाया जाए. मुद्दों को अच्छी तरह समझ लिया जाए. सोशल मीडिया पर सनसनीखेज हैशटैग और कमेंट्स लुभावनी बन जाती हैं, खासकर तब, जब मशहूर हस्तियों और अन्य लोग इससे जुड़ जाते हैं, जबकि उनका बयान न तो सटीक होता है और न ही जिम्मेदाराना

2 comments:

Please do not enter any spam link in the comment

People's Corner

[people][stack]

Travel corner

[travel][grids]

Movie Corner

[movie][btop]

Instagram Feed